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गृह सज्जा : घर को दें पारंपरिक लुक, घर में फूलों की सजावट

त्योहारों का मौसम आते ही हमारे मन, हमारे घर हर जगह खुशियां दस्तक देने लगती हैं। हर कोई दिवाली के आसपास अपने घर को सजाना चाहता है। पर जरूरी नहीं कि ढेरों पैसे खर्च करके ही आप अपने घर को सजाएं। घर की सजावट के लिए क्रिएटिविटी की जरूरत होती है, पैसों की नहीं। कम बजट में भी अपने घर को खूबसूरत कैसे बनाया जाए, बता रही हैं पूनम सिंघल महाजन,


दिवाली यानी रोशनी का त्योहार। सकारात्मक ऊर्जा का त्योहार। यह त्योहार हमें भीतर से सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और सारी नकारात्मक ऊर्जा हमारे भीतर से निकल जाती है। नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर निकालने के लिए इस मौके पर घर की साफ-सफाई भी की जाती है। घर की साफ-सफाई के साथ-साथ इस मौके पर घर सजाने का भी चलन है। त्योहारों के मौसम में घर में चार चांद लगाने के लिए ज्यादा पैसे नहीं, बल्कि रचनात्मक सोच और समझ की जरूरत होती है। अमूमन लोग अपने घर को औरों से अलग व सुंदर बनाने के लिए बेहिसाब खर्च कर बैठते हैं और बाद में आर्थिक तंगी के कारण परेशान होते हैं। इस बार आप ऐसी गलती न करें और अपने घर को सजाने में अपनी रचनात्मकता का भरपूर उपयोग करें।

त्योहारों का मौसम आते ही हमारे मन, हमारे घर हर जगह खुशियां दस्तक देने लगती हैं। हर कोई दिवाली के आसपास अपने घर को सजाना चाहता है। पर जरूरी नहीं कि ढेरों पैसे खर्च करके ही आप अपने घर को सजाएं। घर की सजावट के लिए क्रिएटिविटी की जरूरत होती है, पैसों की नहीं। कम बजट में भी अपने घर को खूबसूरत कैसे बनाया जाए, बता रही हैं पूनम सिंघल महाजन,दिवाली यानी रोशनी का त्योहार। सकारात्मक ऊर्जा का त्योहार। यह त्योहार हमें भीतर से सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और सारी नकारात्मक ऊर्जा हमारे भीतर से निकल जाती है। नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर निकालने के लिए इस मौके पर घर की साफ-सफाई भी की जाती है। घर की साफ-सफाई के साथ-साथ इस मौके पर घर सजाने का भी चलन है। त्योहारों के मौसम में घर में चार चांद लगाने के लिए ज्यादा पैसे नहीं, बल्कि रचनात्मक सोच और समझ की जरूरत होती है। अमूमन लोग अपने घर को औरों से अलग व सुंदर बनाने के लिए बेहिसाब खर्च कर बैठते हैं और बाद में आर्थिक तंगी के कारण परेशान होते हैं। इस बार आप ऐसी गलती न करें और अपने घर को सजाने में अपनी रचनात्मकता का भरपूर उपयोग करें।

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